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Friday, 16 February 2024

बाप रे! 4 IED टाइमर बम के साथ पकड़ा गया जावेद, खूफिया एजेंसियां पता कर रहीं मसूबा

रामबाबू मित्तल, मेरठ: मेरठ एटीएस ने मुजफ्फरनगर में शुक्रवार सुबह एक संदिग्ध को गिरफ्तार किया। इसके पास से 4 आईईडी (टाइमर बम) मिलने से मुजफ्फरनगर से लखनऊ तक हड़कंप मच गया। संदिग्ध से सभी खुफिया एजेंसियां अब पूछताछ में जुट गई हैं। वहीं बम को डिफ्यूज करने के लिए मेरठ से बम स्क्वॉड को भी बुलाया गया, जिसने इन्हें डिफ्यूज किया। पहले शक था कि इनका इस्तेमाल में होना था। हालांकि एएसपी एटीएस ने किसान आंदोलन वाली बात से इनकार किया। लखनऊ STF चीफ अमिताभ यश ने बताया कि मुजफ्फरनगर से 4 (IED) टाइमर बमों के साथ एक संदिग्ध जावेद को गिरफ्तार किया गया। इन बमों को रिमोट और टाइम से टिगर किया जा सकता है। गिरफ्तार संदिग्ध जावेद ने STF को बताया कि ये बम एक महिला ने ऑर्डर देकर बनवाए थे। अब एटीएस उस महिला की तलाश में जुटी है, जिसने ये बम बनवाए थे।

जावेद रेडियो मैकनिक और दादा बनाते थे पटाखे

मेरठ STF एएसपी ब्रजेश कुमार सिंह ने बताया, आरोपी जावेद पहले रेडियो ठीक करने का काम भी करता था। इसलिए उसको मशीनों के बारे में अच्छी-खासी नॉलेज है। वहीं उसके दादा पटाखे बनाने काम करते थे। जावेद ने अपने दादा से ही बम बनाना सीखा। इसके बाद उसने IED बम बनाना सीखा। वहीं पूछताछ में जावेद ने इससे पहले भी टाइमर बम बनाने की बात कबूल की है। फिलहाल सभी खुफिया विभाग की टीमें भी जावेद से पूछताछ कर रही हैं। जावेद शहर कोतवाली क्षेत्र के मिमलाना रोड का रहने वाला है।

जंगल में किया बम डिफ्यूज

मेरठ STF एएसपी को मुखबिर से सूचना मिली कि जावेद नाम का एक व्यक्ति काली नदी के न्याजूपुरा पुल के पास आने वाला है, उसके पास बम जैसी कुछ संदिग्ध सामान है। इस पर STF ने घेराबंदी कर जावेद को तुरंत मौके पर पकड़ लिया। जावेद के पास एक नीले रंग का बैग था। जब STF ने बैग को खोलकर देखा गया, तो उसके अंदर एक कैंपस शूज का डिब्बा मिला। इसके अंदर 4 (IED) टाइमर बम मिले। एसटीएफ ने जावेद को गिरफ्तार कर बम डिस्पोजल स्क्वायड को मेरठ से बुलाया। इसके बाद बोतल बमों को घटनास्थल से करीब 200 मीटर दूर काली नदी पुल से न्याजूपुरा के जंगल में (सेफ डिस्पोजल एरिया) ले जाय गया, जहां उन्हें डिफ्यूज कर दिया गया।

बम के लिए मिला 50 हजार में ऑर्डर

पूछताछ में जावेद ने STF को बताया की उसने गुलूकोस की चार बोतल के अंदर गन पाउडर-999, लोहे के छरें, रुई, पीओपी है। ये बोतल बम मैंने शामली के थाना बाबरी क्षेत्र के बंती खेड़ा गांव की रहने वाली इमराना पत्नी आजाद के कहने पर तैयार किया। बताया कि ग्लूकोज की बोतलें डॉक्टरों से, लोहे के छर्रे साइकिल की दुकान से और घड़ी की मशीन घड़ी की दुकानों से ली। इमराना ने मुझे बोतल बम तैयार करने के लिए 10 हजार रुपए पहले दिए थे, जबकि 40 हजार रुपए बम की डिलीवरी के समय देने को कहा था। मैं आज इन तैयार बोतल बमों को इमराना को देने आया था।

कहां होना था बम का इस्तेमाल?

पूछताछ में आरोपी जावेद ने बताया कि उसने बम बनाना मुजफ्फरनगर के रामलीला टीला में रहने वाले उसके चाचा मो. अरर्शी से सीखा है। वहां रहकर ही बारूद और बोतल बम बनाने का काम सीखा। कुछ बम बनाने की जानकारी यूट्यूब और इंटरनेट से ली। इन टाइमर बम का कहां प्रयोग कहा होना था, इस बारे में इमराना ही बता सकती है ।

नेपाल से है जावेद का कनेक्शन

एसटीएफ को आरोपी जावेद ने बताया की उसकी मां का नाम नीतू है। वह नेपाल के काठमांडू की रहने वाली है, उसके पिता नेपाल घूमने गए थे, वहीं पर उनकी जान-पहचान उसकी मां से हुई। उन्होंने फिर वहीं पर शादी कर ली, उसने कक्षा 7 तक की पढ़ाई नेपाल में की। इसके बाद वो अपने दादा के पास मुजफ्फरनगर आ गया और तब से यही रह रहा है। इसकी एक बहन और एक भाई का है, जन्म नेपाल में ही हुआ था। बहन की शादी नेपाल में ही हुई है। भाई अमेरिका के न्यूयॉर्क में रहकर एमसीआर शॉपिंग स्टोर पर काम करता है।

किसान आंदोलन पर निशाने से इनकार

खुफिया सूत्रों से जानकारी मिलती थी की इन बमों का प्रयोग किसान आंदोलन में होने जैसी बात सामने आ रही है और इसके कुछ साथी भी हैं। इस मामले में एएसपी एसटीएफ बिर्जेश कुमार सिंह से कहा की किसान आंदोलन से इसका कोई संबंध नहीं है। इसके साथियों के बारे में पूछताछ की जा रही है।


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