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Sunday, 3 March 2024

सुकन्या समृद्धि योजना में अभी 8.2% ब्‍याज क्या पूरे टेन्‍योर में फिक्‍स रहेगा? समझ‍िए कैलकुलेशन

नई दिल्‍ली: सुकन्या समृद्धि योजना (SSY) बेटियों के लिए टैक्‍स-फ्री छोटी बचत स्‍कीम है। 10 साल या उससे कम उम्र की बेटी के माता-पिता लड़‍की के नाम पर एसएसवाई अकाउंट खोल सकते हैं। स्‍कीम जनवरी-मार्च तिमाही के लिए 8.2 फीसदी ब्याज की पेशकश कर रही है। एसएसवाई का फायदा उठाने के लिए अकाउंट खोलने की तारीख से 15 साल तक पैसा जमा करना होगा। अकाउंट खुलने की तारीख से 21 साल बाद या बेटी के विवाह के समय (18 साल का होने पर)यह मैच्‍योर हो जाएगा। हालांकि, यह समझना महत्वपूर्ण है कि 8.2 फीसदी की ब्याज दर पूरे टेन्‍योर के लिए फिक्‍स नहीं है।

सुकन्या समृद्धि योजना पर ब्‍याज कैसे कैलकुलेट होता है?

सुकन्या समृद्धि योजना की ब्याज दर पूरी अवधि के लिए फिक्‍स नहीं होती है। केंद्र सरकार हर तिमाही में छोटी बचत योजनाओं की दरों में बदलाव करती है। इसलिए एसएसवाई की ब्याज दर सरकार की ओर से प्रत्येक तिमाही में घोषित दरों के अनुसार बदलती रहती है। अगर सरकार ब्याज दर बढ़ाती है तो खाते में उस तिमाही के लिए बढ़ी हुई दर मिलेगी। इसके उलट अगर सरकार ब्याज दर घटाती है तो खाते में उस विशेष तिमाही के लिए कम दर मिलेगी। सरकार बदलते आर्थिक परिदृश्य और अपने आर्थिक उद्देश्यों की तर्ज पर तिमाही दरों में बदलाव करती है।

कैलकुलेशन में 5 तारीख है खास

एसएसवाई पर ब्याज का कैलकुलेशन मासिक आधार पर होता है। हरेक महीने की 5 तारीख तक की बैलेंस राशि का इस्‍तेमाल उस महीने के ब्याज की गणना के लिए किया जाता है। अगर 5 तारीख के बाद निकासी की जाती है तो शेष राशि की गणना करते समय निकाली गई राशि काट ली जाती है। फिर अर्जित कुल ब्याज को वर्ष के अंत में शेष राशि में जोड़ दिया जाता है। ब्याज को सालाना कंपाउंट किया जाता है। फिर प्रत्येक वित्तीय वर्ष के अंत में खाते में जमा किया जाता है।

कैसे मिलेगा ज्‍यादा से ज्‍यादा फायदा

एसएसवाई में किया गया निवेश सेक्‍शन 80सी के तहत टैक्‍स कटौती के लिए एलिजिबल है। बशर्ते किसी ने पुरानी टैक्‍स व्यवस्था को चुना हो। जमा पर अर्जित ब्याज भी पूरी तरह से टैक्‍स-फ्री है, जो इसे एक आकर्षक निवेश विकल्प बनाता है। इसके अलावा मैच्‍योरिटी पर मिलने वाली रकम भी टैक्‍स फ्री है। एसएसवाई में अर्जित ब्याज को ज्‍यादा से ज्‍यादा करने के लिए एक्‍सपर्ट्स प्रत्येक वित्तीय वर्ष की शुरुआत में अधिकतम 1.5 लाख रुपये की अनुमत राशि जमा करने की सलाह देते हैं। इससे निवेश की रकम पूरे वर्ष चक्रवृद्धि ब्याज से लाभान्वित होती है। इसके चलते मासिक योगदान की तुलना में कुल रिटर्न अधिक होता है।


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